7दिन मै पीठ दर्द से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय जैसे गरम-ठंडी सेक, हल्की एक्सरसाइज, योग, सही पोस्चर और देसी नुस्खे बहुत फायदेमंद होते हैं। ये उपाय बिना दवा के दर्द कम करने और पीठ को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।link👇
यह रोग उन स्त्री-पुरुषों को हो जाता है, जो अधिक देर तक बैठे-बैठे, खड़े-खड़े या गलत मुद्रा में बैठकर अथवा लेटकर कार्य करते हैं। जो स्त्री-पुरुष अधिक नर्म गद्दों पर बैठते या सोते हैं, उनको भी कमर-दर्द की शिकायत हो जाती है।कई बार पेशियों के खिंचाव तथा मानसिक तनाव के कारण भी कमर में दर्द हो जाता है।
कमर दर्द का घरेलू इलाज:
सोंठ का चूर्ण या अदरक का एक चम्मच रस नारियल के तेल में पकाकर फिर इसे ठंडा करके दर्द वाले अंगों पर लगभग 15 मिनट तक मालिश करें।
रात के समय कमर पर जायफल को घिसकर इसका लेप करें।
खसखस 10 ग्राम तथा मिसरी 10 ग्राम। दोनों को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें से 5-5 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम गर्म दूध के साथ सेवन करें।
राई का तेल तथा तिल का तेल। दोनों को बराबर मात्रा में लेकर कमर पर मालिश करें। 15 दिन तक निरंतर मालिश करने से दर्द जाता रहता है।
लौंग के तेल की मालिश करने से कमर के दर्द के अलावा अन्य अंगों का दर्द भी जाता रहता है। मालिश स्नान से पूर्व करनी चाहिए।
एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा-सा घी मिलाकर सेवन करें।
कमर के दर्द में सहजन की फलियों की सब्जी बहुत फायदा करती है।
दिन में तीन बार कमर पर बादाम के तेल की मालिश करनी चाहिए। दर्द एक सप्ताह में बिल्कुल जाता रहता है।
कमर पर मेथी को पीसकर उसकी पुल्टिस बांधे तथा मेथी की सब्जी खाएं।
जायफल को पानी के साथ सिल पर घिस लें। फिर उसे 200 ग्राम तिल्ली की तेल में अच्छी तरह गर्म करें। ठंडा होने पर कमर पर मालिश करें।
सोंठ का काढ़ा बनाकर उसमें एक चम्मच अरण्डी का तेल डालकर पी जाएं।
सोंठ का चूर्ण आधा चम्मच सुबह और आधा चम्मच शाम को दूध में डालकर पिएं।
एक किलो सरसों का तेल लेकर उसमें 250 ग्राम लहसुन की पूतियों को कुचलकर डालें। फिर उसे तब तक गर्म करें, जब तक लहसुन जल न जाए। इस तेल को छानकर शीशी में भर लें। फिर इसकी कमर पर मालिश करें।
अजवाइन को एक पोटली में रखकर उसे तवे पर बने और पोटली बनाकर सिखाई करें
सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करें.
अश्वगंधा और सोंठ एक बराबर मात्रा में लेकर उसका चूर्ण बना ले
और इसे आधा चम्मच सुबह-सुबह और आधा चम्मच शाम को गुनगुने पानी के साथ ले.
खुरासान अजवाइन के चूर्ण को तिल के तेल में मिलाकर पका
1.कमर दर्द का आयुर्वेदिक इलाज
नागौरी, असगंध 100 ग्राम
मेथी के दाने 100 ग्राम
निधारा 100 ग्राम तथा 100 ग्राम सोठ।
इन सभी दवाआ को कूट-पीसकर कपङछान करता इस पूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ ले.
2.ग्वारपाठा का गुदा 10 ग्राम
लॉन्ग चार नग
नागोरी असगंध 50 ग्राम, सौंठ 50 ग्राम।
सबको पीसकर चटनी बना ले। 4 ग्राम चटनी नित्य सुबह के समय सेवन करें.
3.धतूरे के पत्तो का रस 200 ग्राम
आक के पत्तो का रस 200 ग्राम।
तिल्ली का तेल 800 ग्राम
इन सबको मिला ले और अच्छे से पकाएं और इसे छानकर शीशी में भर ले और कमर मालिश करें.
4.रास्ता, पुनर्नवा, सोठ ? गिलोय तथा अरण्ड की जड़ की गाला सब 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर दो कप पानी में उबाले। पानी जब आधा कप बना रह जा जाये, तो इसे छानकर एक से दो चम्मच तक तर्क निस सेवन करे।
5.गुग्गुल, गियोय, हरड के बक्कल, बहेड के छिलके त्या गुठली सहित सूखे आंवर्ष, सब 50-50 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण एक चम्मच अरण्डी के तेल के साथ नित्य सेवन करें। लगभग २० दिन तक इस दवा को लेने से कमर का दर्द बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
6.निसोथ की जड़ को दूध में पीसकर उसमें आधा चम्मच अडूसे के रस मिलाकर सेवन करें।
7.सौंठ - 50 ग्राम, लाहोरी नमक २० भ्रल, छ लहसुन २० ग्राम । सबको पीसकर चटनी बना लें। इसकी कसे उ-प ग्राम चटनी गुनगुने पानी से लें.
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